जटा मे तेरे गंगा lyrics, jata me tere ganga
जटा मे तेरे गंगा और माथे पे तेरे चंदा बोल भोले बोल दर्शन दोगे या नही।। मैने सुना है तेरे दर पर जो कोई भी आता है उसको दयाळू पलक एक पा कर बेडा पार लगाता है तू मेरा इस दुनिया मे होगा या नही।।1।। गले मे तेरे शेष नाग है पुष्पो की माला जैसे सब देवो मे शंकर तेरा कैसा रूप निराला है ऐसे अपने रूप का दर्शन दोगे या नही।।2।। धरती का विष पी जाता है तू नील कंठ कहालाता है पार्वती के संग मे शिवजी तांडव नृत्य रचता है अब मेरे मन की सुनोगे या नही।।3।।